पेड़ों पर कविताएं – Poem on Trees in Hindi

चलिए देखते हे पेड़ों पर यानि Trees पर कविताएं हिंदी में | Trees Poem Hindi Language (kavita) में हूं पेड़ मुझे मत काटोटुकड़ों टुकड़ों में मत बांटोंदर्द मुझे भी होता हैमन मेरा भी रोता हैमें तो सखा तुम्हारा हूंमित्र  सबसे न्यारा हूंफल में खुद नहीं खाता हूंसभी तुम्हे ही दे जाता हूंजहरीली गैसें पी जाता … Read more

बादलों पर कविता Poem on Clouds in Hindi

Poem on nature in Hindi

Poem on Clouds in Hindi – बादलों पर कविता बादलदूर देश से आये बादलआसमान पे छाये बादलताने ऊंची छतरी कालीचारों ओर इतराये बदल। सागर से भर गागर अपनीसबकी प्यास बुझाये बदलबूंद -बूंद टपका धरती परमंद -मंद मुस्काए बादल। संग हवा के नाचे गएबिजली भी कड़काये बादल। आपस में टकरा -टकरा केधूम -धड़ाका नचाये बादल। नाचे … Read more

दादी पर कविता – Poem on Grandmother in Hindi

dadi par kavita

Poem on Grandmother in Hindi – Dadi Maa par kavita  मेरी दादी थीकितनी प्यारीमें थी उनकीराज दुलारीघर में कितनी रौनक थीन जाने कहां गुम हो गयी सारीबस दादी -दादी कहते रहतेहम बच्चे अबउसकी आवाज़ सुननेको तरसते रहते हैंहर पल आखरीसांस तक लुटाती रहतीहम सब पर प्यारपर छोड़ गयी वह अकेलाटूट गया खुशियों का मेलायाद है … Read more

गांव पर कविता – Poem on Village in Hindi

Poem on Village in Hindi गांव पर कविता मेरा गांव मुझको बहुत याद आता हैबार बार आकर सपनों में सताता है कच्चे घर को जब माँ गोबर से लिपति थीपड़ जाते थे पांव तब म बहुत डांटती थीमगर डांट सुनकर भी में बहुत हँसता थाखुलकर माँ को खूब चिढ़ाया करता थासचमुच वो बचपन आज भी … Read more

कोयल पर कविता – Koyal poem in Hindi

कोयल पर कविता – Koyal poem in Hindi देखो कोयल काली है परमीठी है इसकी बोलीइसने ही तो कूक -कूक करआमों में मिश्री घोली। कोयल -कोयल सब बतलानाक्या संदेश लायी होबहुत दिनों के बाद आज फिरइस डाली पर आई होक्या गाती हो किसे बुलातीबतला दो कोयल रानी। प्यासी धरती देख मांगतीहो क्या तुम मेघों से … Read more

नदी पर कविता Poem on River in Hindi

Poem on River in Hindi – नदी पर कविता हिमखंडों से पिघलकर,पर्वतों में निकलकर ,खेत खलिहानों को सींचती ,कई शहरों से गुजरकरअविरल बहती , आगे बढ़ती,बस अपना गंतव्य तलाशतीमिल जाने मिट जाने,खो देने को आतुरवो एक नदी है। बढ़ रही आबादीविकसित होती विकास की आंधीतोड़ पहाड़, पर्वतों कोढूंढ रहे नई वादी,गर्म होती निरंतर धरा,पिघलते , … Read more

प्रकृति पर कविताएं – Poem on Nature in Hindi

Poem on nature in Hindi

Poem on Nature in Hindi नदीन बहता पानीरचता रहता आगेबढ़ते रहने की कहानी समुंद्रकी उठती लहरेंप्रगति की हैं प्रतीक पर्वतबुलंदियों को छूनेकी देते हैं दावतमाँबन ढोहती रहतीसबका बोझ पेड़देते फल और छाया फूलसब के मन को भाएसुगंध लौटाकर भी हर्षाएप्यारे बच्चों सीखोइनसे सीख Poem on nature in Hindi -2 चिड़ियों से है उड़ना सीखा तितलियों … Read more

कोयल पर कविता – Koyal poem in Hindi

Koyal poem in Hindi

Koyal poem in Hindi कोयल पर कविता देखो कोयल काली है परमीठी है इसकी बोलीइसने ही तो कूक -कूक करआमों में मिश्री घोली। कोयल -कोयल सब बतलानाक्या संदेश लायी होबहुत दिनों के बाद आज फिरइस डाली पर आई होक्या गाती हो किसे बुलातीबतला दो कोयल रानी। प्यासी धरती देख मांगतीहो क्या तुम मेघों से पानीकोयल … Read more

आम पर कविता -Mango poem in Hindi

सुनकर कोयल की पुकारआ गया आमों का त्योहारआम खाने को हो जाओ तैयारमीठे -खट्टे आम आ गए बाजार। दशहरी, लंगड़ा, सफेदा , तोतापरीबच्चों ! कौन सा आम खाओगे ?खाकर मन ही मन मुस्कराओगेक्या फिर मधुर गीत गाओगे। मनाओ तुम आमों का त्योहारतुम्हार दोस्त भी हैं आसपासकरो तुम कोई बात ख़ासमिले सबको आमों की सौगात। पढ़ाई … Read more